स्वतंत्रता के बिना मनुष्य उसी प्रकार है जैसे बिना पहिये की रेलगाड़ी। यदि हम मनुष्य को एक विवेकशील प्राणी मानते हैं तब यह अति आवश्यक हो जाता है कि उसकी ...
विश्व के सबसे बडे लोकतांत्रिक देश के आज रास्ट्रपति का चुनाव संपन्न हुआ लेकिन इसने बहुत सारे प्रश्न छोड दिये हैं। जिस प्रकार से हमारे देश की राजनीतिक पार्टियों ने इसमें ह...